जागरूकता जरूरी तो लॉकडाउन की जरूरत नहीं पड़ेगी.प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

जागरूकता जरूरी तो लॉकडाउन की जरूरत नहीं पड़ेगी.प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

राजसत्ता पोस्ट न्यूज़ पोर्टल

Anuj Tyagi:

दिल्ली।मंगलवार 20 अप्रैल

कोरोना की भारत मे दूसरी लहर के बीच देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को संबोधित किया

मेरे प्यारे देशवासियों नमस्कार -प्रधान नरेंद्र मोदी

कोरोना के खिलाफ देश आज फिर बहुत बड़ी लड़ाई लड़ रहा है।

कुछ सप्ताह पहले तक स्थितियां संभली हुई थीं और फिर ये कोरोना की दूसरी वेव तूफान बनकर आ गई।

जो पीड़ा आपने सही है, जो पीड़ा आप सह रहे हैं, उसका मुझे ऐहसास है:

जिन लोगों ने बीते दिनो में अपनो को खोया है, मैं सभी देशवासियों की तरफ़ से उनके प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूँ।

परिवार के एक सदस्य के रूप में, मैं आपके दुःख में शामिल हूं।

चुनौती बड़ी है लेकिन हमें मिलकर अपने संकल्प, हौसले और तैयारी के साथ इसको पार करना है: PM

मैं देश के सभी डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मचारी, एंबुलेंस के ड्राइवर, सुरक्षाकर्मी, पुलिसकर्मियों की सराहना करता हूं। आप अपनी चिंता छोड़कर दूसरों की जान बचाने में जुटे हुए हैं: पीएम मोदी

इस बार कोरोना संकट में देश के अनेक हिस्से में ऑक्सीजन की डिमांड बहुत ज्यादा बढ़ी है।

इस विषय पर तेजी से और पूरी संवेदनशीलता के साथ काम किया जा रहा है।

केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, प्राइवेट सेक्टर, सभी की पूरी कोशिश है कि हर जरूरतमंद को ऑक्सीजन मिले: पीएम मोदी

ऑक्सीजन प्रॉडक्शन और सप्लाई को बढ़ाने के लिए भी कई स्तरों पर उपाय किए जा रहे हैं।

राज्यों में नए ऑक्सीजन प्लांट्स हों, एक लाख नए सिलेंडर पहुंचाने हों, औद्योगिक इकाइयों में इस्तेमाल हो रही ऑक्सीजन का मेडिकल इस्तेमाल हो, ऑक्सीजन रेल हो, हर प्रयास किया जा रहा है: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कुछ सप्ताह पहले तक स्थितियां संभली हुई थीं और फिर ये कोरोना की दूसरी वेव तूफान बनकर आ गई।

हमारे वैज्ञानिकों ने दिन-रात एक करके बहुत कम समय में देशवासियों के लिए vaccines विकसित की हैं।

आज दुनिया की सबसे सस्ती वैक्सीन भारत में है।

भारत की कोल्ड चेन व्यवस्था के अनुकूल वैक्सीन हमारे पास है: पीएम मोदी

यह एक team effort है जिसके कारण हमारा भारत, दो made in India vaccines के साथ दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू कर पाया।

टीकाकरण के पहले चरण से ही गति के साथ ही इस बात पर जोर दिया गया कि ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रों तक, जरूरतमंद लोगों तक वैक्सीन पहुंचे: पीएम मोदी

दुनिया में सबसे तेजी से भारत में पहले 10 करोड़, फिर 11 करोड़ और अब 12 करोड़ वैक्सीन के doses दिए गए हैं: पीएम मोदी

कल ही वैक्सीनेशन को लेकर एक और अहम फैसला लिया गया है।

एक मई के बाद से, 18 वर्ष के ऊपर के किसी भी व्यक्ति को वैक्सीनेट किया जा सकेगा।

अब भारत में जो वैक्सीन बनेगी, उसका आधा हिस्सा सीधे राज्यों और अस्पतालों को भी मिलेगा: पीएम मोदी

हम सभी का प्रयास, जीवन बचाने के लिए तो है ही, प्रयास ये भी है कि आर्थिक गतिविधियां और आजीविका, कम से कम प्रभावित हों।

वैक्सीनेशन को 18 वर्ष की आयु के ऊपर के लोगों के लिए Open करने से शहरों में जो हमारी वर्कफोर्स है, उसे तेजी से वैक्सीन उपलब्ध होगी: पीएम मोदी

मेरा राज्य प्रशासन से आग्रह है कि वो श्रमिकों का भरोसा जगाए रखें, उनसे आग्रह करें कि वो जहां हैं, वहीं रहें।

राज्यों द्वारा दिया गया ये भरोसा उनकी बहुत मदद करेगा कि वो जिस शहर में हैं वहीं पर अगले कुछ दिनों में वैक्सीन भी लगेगी और उनका काम भी बंद नहीं होगा: पीएम मोदी

भारत में जो वैक्सीन बनेगी, उसका आधा हिस्सा सीधे राज्यों और अस्पतालों को भी मिलेगा।

पीएम मोदी

मेरा युवा साथियों से अनुरोध है की वो अपनी सोसायटी में, मौहल्ले में, अपार्टमेंट्स में छोटी छोटी कमेटियाँ बनाकर COVID अनुशासन का पालन करवाने में मदद करे।

हम ऐसा करेंगे तो सरकारों को न कंटेनमेंट ज़ोन बनाने की ज़रुरत पड़ेगी, न कर्फ़्यू लगाने की, न लॉकडाउन लगाने की: पीएम मोदी

अपने बाल मित्रों से एक बात विशेष तौर पर कहना चाहता हूं।

मेरे बाल मित्र, घर में ऐसा माहौल बनाएं कि बिना काम, बिना कारण घर के लोग, घर से बाहर न निकलें।

आपकी जिद बहुत बड़ा परिणाम ला सकती है: पीएम मोदी

आज की स्थिति में हमें देश को लॉकडाउन से बचाना है।

मैं राज्यों से भी अनुरोध करूंगा कि वो लॉकडाउन को अंतिम विकल्प के रूप में ही इस्तेमाल करें।

लॉकडाउन से बचने की भरपूर कोशिश करनी है।

और माइक्रो कन्टेनमेंट जोन पर ही ध्यान केंद्रित करना है: पीएम मोदी

कोरोना के ख़िलाफ़ जंग जीतने के लिए अनुशासन ज़रूरी है” : पीएम मोदी

रामनवमी से मर्यादा और रमजान से अनुशासन और धैर्य की सीख मिलती है।

पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संदेश का मतलब :

जागरूकता जरूरी तो लॉकडाउन की जरूरत नहीं पड़ेगी.
राज्य सरकारें लॉकडाउन को आखिरी विकल्प मानकर चलें।

हमारे शास्त्रों में कहा गया है- त्याज्यं न धैर्यं विधुरेऽपि काले

अर्थात- कठिन से कठिन समय में भी हमें धैर्य नहीं खोना चाहिए : PM

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