UP से उठी उद्धव सरकार के खिलाफ एक और आवाज
 आवाज

महाराष्ट्र में शिवसेना के कांग्रेस और एनसीपी से गठबंधन करने के बाद से ही उद्धव सरकार सबके निशाने पर है। कभी कंगना के केस को लेकर तो कभी सुशांत के केस को लेकर उद्धव सरकार पर बार-बार टिप्पणियां होती रहती हैं। अब एक और मामला सामने आने के बाद से उद्धव सरकार के खिलाफ उत्तर प्रदेश से भी आवाज उठनी शुरू हो गई है

 महाराष्ट्र में केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की गिरफ्तारी के बाद से ही शिवसेना और भाजपा में तकरार बढ़ गई है। वहीं भाजपा शासित राज्यों में शिवसेना के विरुद्ध कार्रवाई की मांग उठने लगी हैं। इसकी एक बानगी उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में उस वक्त देखने को मिली जब शहर की महापौर प्रमिला पांडेय स्वरूप नगर थाने में उद्धव ठाकरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने पहुंच गईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अमर्यादित बयान देने पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ शुक्रवार को भाजपाइयों ने विरोध प्रदर्शन किया। 

यह है पूरा मामला: दो वर्ष पूर्व उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मराठी भाषा में अमर्यादित टिप्पणी की थी। महापौर ने तहरीर में बताया कि उन्हें इंटरनेट मीडिया के माध्यम से इसका पता लगा। उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र व उत्तर प्रदेश में अशांति फैलाना चाहते हैं। योगी आदित्यनाथ 23 करोड़ आबादी वाले प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। उद्धव ठाकरे ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और जनता का अपमान किया है। उनकी टिप्पणी समाज में आपसी भाईचारे को तोडऩे वाली और भारत के संघीय, लोकतांत्रिक मूल्य व राष्ट्र विरोधी है। आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री योगी पर हमला करने के लिए लोगों को उकसा रहे हैं। आने वाले वर्ष में चुनाव है, ऐसे में मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर खतरा उत्पन्न हो सकता है। महापौर का कहना है कि महाराष्ट्र में हिंदी भाषी क्षेत्रों के लोगों पर हमले होते रहे हैं। भविष्य में अगर मुख्यमंत्री या किसी भी उत्तर भारतीय पर हमला होता है तो उसके जिम्मेदार उद्धव ठाकरे होंगे। स्वरूप नगर थाना प्रभारी अश्विनी कुमार पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। मुकदमा दर्ज किया जाएगा। 

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