लुधियाना के छह विस हलकों में शिरोमणि अकाली दल की मजबूती के लिए मंथन, पदाधिकारियों व वर्करों से लिया फीड बैक

लुधियाना के छह विस हलकों में शिरोमणि अकाली दल की मजबूती के लिए मंथन, पदाधिकारियों व वर्करों से लिया फीड बैक

लुधियाना। पंजाब में विधानसभा चुनावों में एक साल से भी कम वक्त रह गया है। ऐसे में तमाम राजनीतिक दलों ने अपनी गतिविधां बढ़ा दी है। शिरोमणि अकाली दल ने जिला स्तर पर पार्टी को मजबूत करने का सिलसिला शुरू कर दिया है। इसी कड़ी के तहत रविवार को जीएनई कालेज के ननकाना साहिब ट्रस्ट परिसर में शिअद की अहम बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता पार्टी के जिला आब्जर्वर एवं पूर्व मंत्री दलजीत सिंह चीमा ने की। बैठक में लुधियाना शहर की छह विधानसभा सीटों पर पार्टी की स्थिति, आगे की रणनीति और पार्टी की नीतियों को जन जन एवं जमीनी स्तर पर पहुंचाने के लिए मंथन किया गया। चीमा ने कहा कि पार्टी में संगठनात्मक ढांचे को एक सप्ताह में सुदृढ़ कर दिया जाएगा।

पार्टी के वार्ड स्तरीय पदाधिकारियों की नियुक्तियां भी शीघ्र ही की जा रही हैं। लंबे अर्से से अकाली दल एवं भाजपा के बीच गठबंधन रहा, सभी चुनाव दोनों दल मिल कर लड़ते थे। लुधियाना शहर की छह विधानसभा सीटों में तीन पर भाजपा एवं तीन पर शिअद चुनाव लड़ता था, लेकिन अब दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन टूट चुका है। नतीजतन दोनों ही दल सभी छह सीटों पर अपने अपने उम्मीदवार खड़ा करेंगे। इसी को लेकर बैठक में जिला पदाधिकारियों के साथ चीमा ने विचार विमर्श किया। चीमा ने पदाधिकारियों एवं वर्करों से फीड बैक लिया। बैठक में लुधियाना की सभी छह सीटों लुधियाना पूर्व, पश्चिम, उत्तरी, दक्षिण, सेंट्रल एवं आत्मनगर के पदाधिकारियों एवं वर्करों से सीधे बातचीत करके चीमा ने जमीनी स्तर की जानकारी हासिल की। चीमा ने कहा कि एक सप्ताह में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसमें हर वर्ग को उचित स्थान मिलेगा। मेहनती एवं पार्टी के लिए काम करने वाले वर्करों को पूरा सम्मान दिया जाएगा। चीमा ने पार्टी वर्करों को शिअद की नीतियों को जन जन तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लोग मौजूदा सरकार की नीतियों से परेशान हैं। लोगों में निराशा का आलम है।

पंजाब की कांग्रेस सरकार केंद्र के साथ मिली हुई है : चीमा
किसानों को सीधी अदायगी पर चीमा ने कहा कि पंजाब की कांग्रेस सरकार केंद्र के साथ मिली है। बाहर से केंद्र की नीतियों का विरोध कर ड्रामा करते हैं, जबकि अंदर उनके साथ सहमति जताते हैं। सीधी अदायगी से किसानों को दिक्कत आएगी और खरीद भी प्रभावित होगी। कई किसान ठेके पर काम कर रहे हैं। कई की जमीन का परिवार में बंटवारा हो गया, लेकिन वह नाम पर नहीं चढ़ी। इस तरह की दिक्कतों से किसानों की पेचीदगियां बढ़ेंगी। बैठक में जिला प्रधान रंजीत ङ्क्षसह ढिल्लों, यूथ के जिला प्रधान गुरदीप ङ्क्षसह गोशा, पूर्व मंत्री महेश इंद्र ङ्क्षसह गरेवाल, इंद्रमोहन ङ्क्षसह बजाज, विजय दानव समेत कई नेता मौजूद रहे।

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