जमीनी विवाद पर गरमाई सियासत

सियासत

पटना । बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद और जदयू प्रदेश कार्यालय को बढ़ाए जाने के लिए और जमीन की मांग पर अब आमने-सामने आ गए हैं। राजद के प्रदेश अयक्ष जगदानंद सिंह ने भवन निर्माण विभाग से प्रदेश कार्यालय को और बढ़ाने के लिए आसपास की जमीन मांगी थी। प्रदेश कार्यालय को बढ़ाए जाने के लिए और जमीन की मांग पर इधर, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने प्रावधानों का हवाला देते हुए जमीन उपलब्ध कराना संभव नहीं होने की बात कही।

इस बीच, राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने जदयू पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में जदयू तीसरे नंबर की पार्टी है, फिर भी उसने अपना कार्यालय बढ़ा लिया। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि आखिर जदयू ने किसी नियम के तहत ऐसा किया।

इधर, जदयू के विधान पार्षद और पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने शनिवार को राजद पर पलटवार करते हुए कहा कि राजद खुद अपने नेता तेजस्वी यादव को असक्षम बताने में जुटी है। कुमार ने कहा कि तेजस्वी खुद 20 महीने तक राज्य के भवन निर्माण मंत्री रहे, लेकिन उन्हें अपने दल के कार्यालय की चिंता नहीं रही। आज राजद के प्रदेश अध्यक्ष कार्यालय के लिए जमीन की मांग कर रहे हैं।

नीरज कुमार ने कहा, वर्ष 2010 के विाानसभा चुनाव में राजद के मात्र 22 विधायक थे, उस समय राजद ने यह नहीं कहा कि हमारी सदस्य संख्या घट गई है, इसलिए हमारे कार्यालय का भूक्षेत्र घटा दिया जाए।

जदयू के नेता ने नसीहत देते हुए कहा कि पटना के अलग-अलग जगहों पर स्थित लालू प्रसाद की 3,11,081 वर्ग फीट जमीन है।

उन्होंने कहा, राजद का बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज बना हुआ है। पार्टी संविधान के अनुसार उसके स्थायी अध्यक्ष भी लालू प्रसाद ही रहेंगे। ऐसे में ट्रस्ट को जमीन दे दें। आपके दोनों हाथ में लड्डू है। राजद का कार्यालय भी बन जाएगा और ट्रस्ट में सारा अधिकार आपको ही रहेगा। इस तरह पार्टी का काम भी चल जाएगा और संपत्ति भी आपके पास रह जाएगी।”

उल्लेखनीय है कि राजद के प्रदेश अयक्ष जगदानंद सिंह ने भवन निर्माण विभाग को पत्र लिख कर पार्टी दफ्तर के बगल वाली 14000 वर्गफीट जमीन की मांग की थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी स्पष्ट कहा है कि जमीन देना संभव नहीं है।

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