गणेश चतुर्थी पर BMC सख्त, बरतनी होंगी यह सावधानियां

Ganesha

महाराष्ट्र में धूमधाम से मनाया जाने वाला गणेश चतुर्थी का त्योहार इस वर्ष कोरोना के चलते इतनी धूमधाम से नहीं मनाया जा पाएगा. इस वर्ष गणेश चतुर्थी की धूम सी की पड़ सकती है. बीएमसी ने गणेश चतुर्थी पर नई गाइडलाइन जारी कर दी है इसके मुताबिक इस वर्ष गणेश चतुर्थी बहुत ज्यादा धूमधाम से नहीं बनाई जा सकेगी. सभी भक्तों को उन गाइडलाइन के मुताबिक ही गणेश चतुर्थी को मनाने का मौका मिलेगा.


गाइडलाइन के मुताबिक इस साल मंडलों से सोशल मीडिया और ब्रॉडकास्ट चैनल के जरिए भक्तों के दर्शन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं. जोर देकर कहा गया है कि गणेश मूर्ति लाने के दौरान 10 से ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकते हैं. वहीं मूर्ति भी चार फीट से ज्यादा लंबी नहीं हो सकती है. इसके अलावा जितने भी लोग गणेश मूर्ति लेने जाएंगे, उनको कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगी होना अनिवार्य रहेगा. नियम ये भी है कि वो वैक्सीन लगे आपको 15 दिन हो गए हों.

इस साल गणेश चतुर्थी के दौरान जुलूस निकालने पर भी पाबंदी रहेगी. अगर आप घर पर ही गणेश चतुर्थी मनाएंगे तो उसके लिए भी सिर्फ पांच लोग ही गणेश मूर्ति लेने के लिए जा सकेंगे. उनका कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लेना भी जरूरी रहेगा. वहीं मूर्ति की ऊंचाई भी सिर्फ दो फीट ही रखी जा सकेगी. इसके अलावा अगर गणेश मूर्ति का विसर्जन भी करना है, तो प्रथा घर में ही करने के निर्देश दिए गए हैं. अगर घर में मुश्किल रहे तो राज्य सरकार द्वारा कई आर्टिफिशियल तालाब बनाए गए हैं, उसमें भी मूर्ति का विसर्जन किया जा सकता है.


सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों से भी यही अपील की गई है कि वे गणेश मूर्ति को आर्टिफिशियल तालाब में विसर्जित करें और भीड़-भाड़ में जाने से बचें. जानकारी दी गई है कि इस साल राज्य सरकार द्वारा कुल 173 आर्टिफिशियल तालाब बना दिए गए. ऐसे में किसी को भी ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए मूर्तियों को विसर्जित कर दिया जाएगा. गाइडलाइन में ये बात जरूर प्रमुखता से लिखी है कि विसर्जन के लिए जाने वाले भक्तों को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज का लग जाना अनिवार्य रहेगा.


इस सब के अलावा अगर किसी कंटेनमेंट जोन में सार्वजनिक गणेशोत्सव मनाया जाएगा, तो वहां पर मंडलों को मंडप में ही मूर्ति को विसर्जित करना होगा. अगर वो मुमकिन नहीं रहे तो उस कार्यक्रम को ही आगे के लिए पोस्टपोन करना पड़ेगा. वहीं अगर किसी सील्ड बिल्डिंग में गणेश उत्सव मनाया जा रहा है, तो वहां भी लोगों को घर पर ही मूर्ति को विसर्जित करना होगा.

बीएमसी की गाइडलान में ये भी स्पष्ट कर दिया गया है कि इस साल विसर्जन का हिस्सा बूढ़े या फिर बच्चे नहीं बन पाएंगे. कोरोना को देखते हुए उन्हें घर में ही रहने की अपील की गई है.

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