फाइनेंस कंपनी के एजेंट ने ऋण स्वीकृत नहीं होने के चलते की आत्महत्या

फाइनेंस कंपनी के एजेंट ने ऋण स्वीकृत नहीं होने के चलते की आत्महत्या

देहरादून। वसंत विहार थाना क्षेत्र के गांधी ग्राम में फाइनेंस कंपनी के एजेंट ने आत्महत्या ऋण स्वीकृत नहीं होने के चलते की थी। इस मामले में मृतक के पिता की तहरीर पर फाइनेंस कंपनी के मैनेजर और एचआर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों ने ऋण स्वीकृत करने के लिए विभिन्न शुल्क के नाम पर एक लाख रुपये लिए थे। ग्राहक रुपये वापस करने का दबाव बना रहा था। यह बात एजेंट ने मैनेजर और एचआर को बताई तो दोनों ने रुपये वापस करने और ऋण स्वीकृत करने से इन्कार कर दिया।

इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक घटना बीती नौ अप्रैल की है। गांधी ग्राम में किराये पर रह रहे अमित कुमार निवासी ग्राम गबलीपुर नारायणपुर बिजनौर ने फांसी लगा ली थी। अमित के पिता मदनपाल ने पुलिस को बताया कि वह पाइन फाइनेंस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी में काम करता था। जिसका कार्यालय शास्त्री नगर में हरिद्वार रोड पर है। कुछ दिन पहले मोहन नाम के युवक ने 10 लाख रुपये का लोन लेने के लिए अमित से संपर्क किया था।

अमित ने यह बात कंपनी के मैनेजर जावेद और एचआर ऊषा उर्फ तानिया को बताई। उन्होंने सबसे पहले ग्राहक से 10 हजार रुपये पंजीकरण शुल्क और 40,500 रुपये फाइल चार्ज व बीमा शुल्क लेने को कहा। अमित ने मोहन से यह धनराशि लेकर कंपनी में जमा कर दी। इसके बाद भी ऋण स्वीकृत नहीं हुआ तो अमित ने मैनेजर और एचआर से वजह पूछी। इस पर दोनों ने कहा कि कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है, बस 50 हजार रुपये प्रोसेसिंग फीस जमा करा दो। इसके बाद ऋण मिल जाएगा। मोहन ने और रुपये देने से इन्कार कर दिया।

वहीं, मैनेजर और एचआर रुपये लाने के लिए अमित पर लगातार दबाव बना रहे थे। ऐसे में अमित ने खुद 12 प्रतिशत ब्याज पर 50 हजार रुपये लेकर कंपनी में जमा किए। इसके बाद भी मोहन को ऋण नहीं मिलने पर अमित फिर से मैनेजर और एचआर के पास पहुंचा। इस बार एचआर ऊषा ने कहा कि ऋण नहीं मिल सकता, क्योंकि कंपनी फर्जी है। दूसरी तरफ, अमित पर मोहन उसके 50,500 रुपये लौटाने का दबाव बना रहा था। रुपये नहीं मिलने की स्थिति में उसने मुकदमा दर्ज कराने की बात कही। इस सबसे अमित बहुत डर गया था।

यह बात अमित ने मदनपाल को मार्च महीने में होली त्योहार पर घर जाने के दौरान बताई थी। हालांकि, तब मदनपाल ने उसे ढांढस बंधाते हुए यह कहकर दोबारा देहरादून भेज दिया कि घबराओ मत, सब ठीक हो जाएगा। इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह चौहान के अनुसार इस संबंध में अमित के मोबाइल फोन में कुछ कॉल रिकॉर्डिग भी मिली हैं। मामले में जांच चल रही है।

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