आज़ 22 July है तुम्हारा जन्मदिन....अगर तुम आज होती तों ....we all miss you....
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तुम होती तो.....

आज तुम्हारा जन्मदिन होता

और में,सुबह सुबह उठकर

जनभूझकर या अनजाने में

तुम्हें जन्मदिन क़ी बधाई नही देता

और तुम अपनी भावभंगिमाओं से,मुझे दिन भर

जताने क़ीकोशिश करतीं

परंतु रात को हम सब तुम्हारा जन्मदिन मना रहे होते

अगर तुम होती.....

अपनी कुछ वातें वताता तुम्हें 

अपनी क़ुछ वातें छुपाता तुमसे

तुम , जो वातें दिन भर छिपाये घूमती थी 

रात होते ही तुम्हारे आँसुओ से टपक जाती थी  

नमकीन आँसुओ का विस्तर पर खो जाना

रात भर विस्तर पर पहलू बदलती वातें

अच्छा बताओ क्या हुआ..

तुम होती तो बताती मुझको

तुम होती तो....

दिन तो गुजर ही जाती है

शाम होते ही आ जाते है काले बादल

कितनी उमस होती है ऐसे में

तुम होती तो बरसते बादल

खाने का एक कौर मुँह में जाते जाते

अटक जाता है कहीं भूली विसरी वातों में

तुम होती तो तुम्हारी वातें

पानी का एक घूँट सी तुम्हारी यादें

बन सिमट जाता मेरे मन में

तुम होती तो.....

अब अपना ध्यान रखना 

कहने वाले हज़ारों लोगों  का हूजूम

क्या हुआ कैसे हुआ सी हज़ारों वातें

यह करते और यह ना करते ,कहती बातें

सबको वता वता कर थकती साँसे

रात रात भर कई सुनी वातों से

घबराता मन,चादरों कीसिलवटों में 

अनुत्तरित कई सवालों का जवाब

तुम होती तो........

स्व रचित
अचल राज पाण्डेय

सिद्धार्थ,मेघा,पूनम,प्रशांत,टीटू,गुल्ला , डॉ स्वाति और समस्त मित्रोंदोस्तों की तरफ़ से जन्मदिन क़ी भावभीनी स्मृति

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