मुजफ्फरनगर में सीधे तौर पर घोषित हुए युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष पर भाजपा में छिड़ सकती है अंदरूनी कलह
मुजफ्फरनगर में सीधे तौर पर घोषित हुए युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष पर भाजपा में छिड़ सकती है अंदरूनी कलह

मुजफ्फरनगर। कार्यकर्ताओ को संगठन की रीढ़ कहने वाली भारतीय जनता पार्टी भी अब कार्यकर्ताओ को दरकिनार करती दिखाई देने लगी है। भाजपा संगठन में उच्च पदों पर आसीन अब कार्यकर्ताओ के बजाय अपने सगे सम्बन्धियो व परिचितों को पद बाँटने में व्यस्त है।

मिली जानकारी के अनुसार मुजफ्फरनगर के युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष पद हेतु 18 कार्यकर्ताओं ने दावेदारी की थी , जिनमे से प्रदेश संगठन ने 7 नाम तय किये , उन 7 नामो में 2 नामो पर विचार चल ही रहा था की अचानक कल एक अन्य ही नाम घोषित कर दिया गया , कहा जा रहा है घोषित नाम सीधा क्षेत्रीय कार्यालय से तय हुआ है , घोषित युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष क्षेत्रीय अध्यक्ष के करीबी बताये जा रहे है।
कार्तिक काकरान के युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष घोषित होते ही क्षेत्र के कार्यकर्ताओं में रोष है व कई कार्यकर्ताओ ने खुले रूप से इसे सोशल मीडिया पर व्यक्त भी किया है।

कहा जा रहा है जिन 2 नामो पर विचार चल रहा था उनमें से 1 नाम त्यागी समाज से था , त्यागी समाज भाजपा का बेस वोट रहा है और पश्चिमी उत्तरप्रदेश में बड़ी संख्या में होने के बावजूद किसी भी जिले में समाज का कोई जिलाध्यक्ष नही बनाया गया है ।
अब समय बताएगा की त्यागी समाज का विरोध क्या रूप लेता है ।

पर यह तय है की भाजपा संगठन की कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर अपनो को पद देने वाली कार्यशैली आगामी चुनाव में भारी पड़ सकती है।

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