मुज़फ्फरनगर जनपद की राजनीति में आ सकता है उबाल, जिला पंचायत शपथ समारोह से शुरू हुआ बवाल

मुज़फ्फरनगर जनपद की राजनीति में आ सकता है उबाल, जिला पंचायत शपथ समारोह से शुरू हुआ बबाल 

विधायक सहित समर्थको को गाली गलौज के साथ मिल रही धमकी

मुज़फ्फरनगर: जनपद की राजनीति में माहौल तनाव पूर्ण बनता जा रहा है। सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच बांहे तन रही है। एक तरफ सत्ता की हनक तो दूसरी और विपक्ष खुद को मजबूत दिखाने के लिए बांहे ताने खड़ा हो गया है। जिसके कारण जनपद की राजनीति के संकेत ठीक नही दिख रहे है। 

जिला पंचायत के शपथ समारोह के दौरान सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच हुए हंगामे के बाद जनपद की राजनीति में उबाल आना शुरू हो गया है। सेंकडो की भीड़ में अभद्रता व नारेबाजी से बिगड़े माहौल को फिलहाल संभालना मुश्किल दिखाई दे रहा है। इस प्रकरण के बाद खासकर बुढाना विधान सभा क्षेत्र में हालात बिगड़ने के आसार दिख रहे है। जिला पंचायत सभागार में जंहा तू-तड़ाक के साथ हंगामा हुआ और एक जिला पंचायत सदस्य ने  बुढाना में आने पर बुढाना के ही मौजूद सत्ता पक्ष के विधायक को देख लेने तक कि धमकी दी वंही अब समर्थको को भी गाली गलौज के बाद देख लेने की धमकी दी जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही गली गलौच की एक ओडियो में जिसमे धमकी व गाली देने वाला जिला पंचायत सदस्य  बताया जा रहा है। जिसने शपथ समारोह में हंगामे की शुरुआत की थी और उसके समर्थन में विपक्ष के जिला पंचायत सदस्य भी ताव में आ गए थे। एक सदस्य ने तो सत्ता धारी पार्टी भाजपा, उसके विधायक व मंत्री को भी चेतावनी भरे अंदाज में टिपण्णी की थी।

वायरल ऑडियो में खरड़ निवासी भाजपा व विधायक समर्थक को जिला पंचायत सदस्य घर पर आकर ही सूड़ देने की धमकी दे रहा है। ऑडियो को जिला पंचायत सदस्य  के साथ रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी के पोस्टर को लगाकर वायरल हो रही है। यह वो जिला पंचायत सदस्य  है जिसने जिला पंचायत सभागार में मेज पर खड़े होकर विपक्ष की अनदेखी करने पर जिला पंचायत अध्यक्ष को चेतावनी दी थी। ऑडियो वायरल होने  को लेकर विधायक समर्थको व भाजपाइयों में भारी आक्रोश बना हुआ है। सोशल मीडिया ग्रुपो में धमकी देने वाले के विरुद्ध एकजुट होने व उसे उसी की भाषा मे जबाब देने की बात हो रही है। तीन दिन पहले जिला पंचायत में बेकाबू हुई स्थिति के बाद हो रही हरकतों से संकेत सही नही दिखी पड़ रहे है। जिला पंचायत सदस्य बुढाना क्षेत्र के ही गांव का रहने वाला है। इसी गांव के रालोद के वरिष्ठ नेता विधायक भी रह चुके है। यह गांव भारतीय किसान यूनियन व रालोद के गढ़ के प्रमुख गांव में है। और  भाकियू की राजधानी के नजदीक का गांव है। अब अगर भाजपा व विपक्ष की तनातनी बढ़ी तो विपक्ष इसे भुनाने में कोई कसर नही छोड़ेगा।

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