यूपी में, D2 केटेगरी के जानलेवा डेंगू बुखार का कहर, स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेताया
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बदलते मौसम के साथ ही स्वास्थ्य पर भी इसका प्रभाव पड़ता है,डॉक्टरों के मुताबिक डेंगू के D2 वैरिएंट के शुरुआती लक्षणों में मरीज को तेज बुखार होना, शरीर में प्लेटलेट्स में गिरावट आना, रक्तस्रावी बुखार, अंग विफलता और डेंगू शॉक सिंड्रोम शामिल है। विशेषज्ञों का दावा है कि वायरल सीरोटाइप का 99 प्रतिशत मामलों में इलाज संभव है, बशर्ते मरीज की उचित देखभाल की जाए। नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल ने भी बताया कि D2 का इलाज संभव है। इसके लिए सबसे जरुरी है कि समय रहते अस्पताल पहुंचा जाए। अगर सामान्य बुखार भी हो रहा है, तो बिना देरी के अस्पताल का रुख करें।

इन दिनों उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में डेंगू और वायरल बुखार का असर देखा जा रहा है। चिंता की बात यह है कि इस साल मरीजों में बच्चों की तादाद कुछ ज्यादा है। हाल ही में दिल्ली में भी डेंगू ने काफी कहर बरपाया था। माना जा रहा है कि फिलहाल उत्तरप्रदेश में जो आउटब्रेक देखने को मिल रहा है, वह D2 की वजह से ही है।डेंगू का D2 स्ट्रेन जानलेवा हैमरेज की कारण बन सकता है। इसलिए उन्होंने सलाह दी कि जैसे ही किसी को बुखार हो, वह तुरंत डॉक्टर के पास जाकर जांच कराए।
वहीं, नीती आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि मच्छरों की वजह से बीमारियां उभरकर आ रहीं हैं. डेंगू के बारे में आपको पता ही है. बरसात के बाद मलेरिया का सीजन भी आना शुरू होता है. इसलिए अपील करना चाहेंगे कि अपनी तैयारी ऐसी रखें कि मच्छरों से होने वाली बीमारियां जैसे डेंगू, मलेरिया से बचें. आसपास पानी इकट्ठा नहीं होने दें.यूपी के फिरोजाबाद में डेंगू का कहर है. जिला स्वास्थ्य महकमे की मानें तो अब तक 52 लोगों की मौत हो गई है और 413 के करीब मरीज मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं. डेंगू बुखार के कहर से लोग इस कदर डर गए हैं कि दवाइयों के अलावा वे हवन-पूजन भी कर रहे हैं.उन्होंने कहा कि कोई भी बुखार हो. बुखार हो तो देर नहीं करना चाहिए. बुखार कोविड भी हो सकता है. डेंगू भी हो सकता है और मलेरिया भी हो सकता है. हमें इसे सीरियस लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि डेंगू से जान भी जाती है और हमारे पास उसकी वैक्सीन भी नहीं है. इसलिए बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है. उन्होंने कहा कि इन बीमारियों से लड़ाई हमें कोविड के साथ-साथ लड़ना है.

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