किसानों ने दिल्ली में अपना नेता खो दिया – नरेश टिकैत

किसानों ने दिल्ली में अपना नेता खो दिया – नरेश टिकैत

मुज़फ्फरनगर- (राजसत्ता पोस्ट)
किसानों के बड़े नेता और राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया चौधरी अजित सिंह के कोरोना से जंग हार जाने की खबर बृहस्पतिवार को जब किसानों को उनके निधन की खबर मिली तो उन्हें बड़ा सदमा लगा। किसान नेता की असमय मौत पर किसान पीड़ित और व्यथित नजर आए।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि किसानों ने दिल्ली में अपना नेता खो दिया। जब 28 जनवरी को किसान आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया गया तब चौधरी अजित ने बड़ा हौसला दिया। उन्होंने कहा चौधरी साहब का किसानों को बड़ा सहारा था। आंदोलन के बीच-बीच में भी बात करते रहे और हमेशा हौसला अफजाई करते रहे। चौधरी साहब का जाना किसानों के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। ऐसा नुकसान, जिसका आकलन भी मुश्किल है।
चौधरी अजित सिंह के निधन की खबर से गहरा सदमा लगा है।चौ टिकैत ने कहा कि चौधरी साहब का जीवन हमेशा किसानों से जुड़ा रहा, गांव के लोगों से जुड़ा रहा। उनकी विचारधारा पूर्ण रूप से गांव और गरीब की थी। जीवन भर वे गांव और गरीब के लिए काम करते रहे। दिल्ली में आने वाले गांव के हर आदमी को हर एक किसान को एक अहसास रहता था कि उनका एक घर दिल्ली में भी है। गांव से लोग आकर चौधरी साहब को हर बात बताते थे और चौधरी साहब भी उनकी बात बड़े चाव से सुनते थे। गांव की बात करते थे।
जब-जब किसान आंदोलन हुए, उनके बड़ा सहयोग रहा। चौधरी साहब पद पर रहे या न रहे, लेकिन किसानों को उन पर भरोसा था। दिल्ली में रहने वाले किसानों के वकील धीरे-धीरे खत्म हो रहे हैं। चाहें वह पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय देवीलाल रहे हों, या फिर पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर। अराजनैतिक रूप से स्वर्गीय चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत। चौधरी अजित सिंह के जाने से तो मानों दिल्ली में किसानों ठिकाना ही खत्म हो गया। किसान के लिए बड़े कष्ट का विषय है, दुखद है।

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