डॉक्टर की हत्या या हादसा
डॉक्टर की हत्या या हादसा

कानपुर। एक अपार्टमेंट की 8वीं मंजिल से संदिग्ध हालात में गिरकर महिला डॉक्टर की मौत हो गई। महिला डॉक्टर के पिता ने आरोप लगाया है कि असिस्टेंट प्रोफेसर दामाद ने बेटी के नाम पर 40 लाख का लोन नहीं भरने की वजह से बेटी को 8वीं मंजिल से फेंककर हत्या कर दी। उरई मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत डॉ. सुशील वर्मा बिठूर सिंहपुर रोड स्थित रुद्रा ग्रीन अपार्टमेंट में 8वीं मंजिल पर रहते हैं। शुक्रवार देर रात उनकी पत्नी डॉ. मंजू वर्मा की बालकनी से गिरकर मौत हो गई।


मामले की जानकारी मिलते ही डॉ. मंजू के मायके वाले प्रयागराज से कानपुर पहुंचे। उनके पिता अर्जुन प्रसाद ने आरोप लगाया है कि बेटी ने आत्महत्या नहीं की। बल्कि दामाद ने उसको आठवें मंजिल से फेंककर हत्या की है। दामाद आए दिन दहेज के लिए बेटी से मारपीट करता था। मांग पूरी नहीं होने पर उसने बेटी के नाम पर ही बैंक से ₹40 लाख का लोन लिया था। इसके बाद धमकी दी थी कि यह लोन मायके वाले ही भरेंगे। मायके वालों ने इसका विरोध किया तो उसने लोन नहीं भरने की वजह से 8वीं मंजिल से फेंककर हत्या कर दी।

असिस्टेंट प्रोफेसर पति डॉक्टर सुशील वर्मा को बिठूर पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस पूछताछ करके सच्चाई जानने का प्रयास कर रही है। जनवरी 2019 में डॉक्टर दंपति की शादी हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही डॉक्टर सुशील वर्मा दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर आए दिन मारपीट करते थे। इस बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच कई बार पंचायत हो चुकी थी। मायके वालों ने बेटी का घर उजड़ने के डर से कभी थाने में शिकायत नहीं की थी।

बिठूर थाना प्रभारी अमित मिश्रा ने बताया कि पूछताछ की जा रही है। मौके से भी तमाम सारे साक्ष्यों को जुटाया गया है। जांच पूरी होने के साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या है या आत्महत्या साफ हो सकेगा।

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