24 घंटे लगातार होती वर्षा, और लापता बिजली से लोग परेशान
वर्षा

अगर मौसम की बात की जाए तो पिछले 24 घंटे में लगातार जगह-जगह मूसलाधार बारिश के वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा तेज हवाओं और लगातार बरसती बारिश ने लोगों को घरों में कैद कर दिया । शुक्रवार की शाम से शुरू हुई बारिश शनिवार को भी जारी रही। बिजली कटौती और जलभराव से लोगों को परेशानी का भी सामना करना पड़ा। बुलंदशहर में 24 घंटे में 93 में बारिश हुई 600 गांव की बिजली गुल रही जिससे आवागमन में और दिनचर्या में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा।बारिश के कारण शनिवार को जिले भर में बिजली संकट गहराया रहा। कई क्षेत्रों में 14 से 16 घंटे तक लगातार बिजली सप्लाई बाधित रही तो कहीं पर फाल्ट ठीक करने के बाद भी बारिश के कारण सप्लाई चालू नहीं की गई। शाम तक करीब 600 गांवों की बिजली सप्लाई चालू नहीं हो सकी। जबकि अहमदगढ़ उपकेंद्र में बारिश का पानी भर गया। जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान 93 एमएम बारिश हुई।

बारिश में तेज हवा के कारण नगर समेत ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली सप्लाई बाधित हो गई। कई स्थानों पर पेड़ टूटकर लाइनों पर गिरे तो कहीं पर लाइनों में फाल्ट हो गया। इसके अलावा अनूपशहर अड्डा समेत कई बिजलीघर से जुड़े फीडरों पर केबल बक्सा में फाल्ट हो गया। जिसके चलते बिजली सप्लाई प्रभावित हो गई। शिकारपुर, अहमदगढ़ समेत कई क्षेत्रों में लगातार 16 घंटे तक बिजली सप्लाई बाधित रहने के कारण लोगों के घरों में लगे इनवर्टर भी फेल हो गए। बार-बार लोग बिजलीघरों पर फोन कर स्थिति की जानकारी लेते, लेकिन फोन व्यस्त व अन्य समस्याओं के कारण उनका समाधान नहीं हो सका। बिजली निगम के चीफ इंजीनियर अवधेश कुमार सिंह के मुताबिक तेज हवा और बारिश के कारण कई स्थानों पर लाइनों में फाल्ट आ गया था। बार-बार हुई बारिश के कारण मरम्मत कार्य में देरी हुई। जिन गांवों में बिजली सप्लाई चालू नहीं हुई है, जल्द ही चालू कराने का प्रयास किया जा रहा है।नगर में शनिवार को हुई बारिश राहत कम आफत अधिक लेकर आई। बारिश से शहर के नाले ओवरफ्लो हो गए, जिससे सड़कों पर गंदा पानी बहने लगा और जगह-जगह जलभराव हो गया। अमृत योजना के तहत खुदी सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गईं। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश के कारण मार्ग पर जलभराव होने से वाहन सवार समेत पैदल चलने वाले राहगीरों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। जिला अस्पताल के सामने, कालाआम चौराहा, कलक्ट्रेट गेट, शनिदेव मंदिर रोड, कचहरी, देवीपुरा, मोतीबाग, डिप्टीगंज, चांदपुर रोड, डीएम रोड, आवास विकास, कृष्णानगर, ईदगाह रोड, साठा, राधानगर, आनंद विहार, प्रीतविहार, स्याना बस अड्डा, काली नदी रोड, धमैड़ा अड्डा, शिवपुरी और टीचर्स कॉलोनी समेत अन्य स्थानों पर शुक्रवार रात और शनिवार सुबह जलभराव की समस्या बनी रहीं। इस दौरान संबंधित कॉलोनी और क्षेत्र के लोगों को निकलने में परेशानियों का सामना करना पड़ा।

नाला निर्माण भी बना समस्या का कारण

नगर के सबसे व्यस्ततम चौराहे कालाआम पर जरा सी बारिश में जलभराव की समस्या बन जाती है। इससे निजात दिलाने के लिए 260 मीटर नाले का आरसीसी निर्माण का कार्य किये जाने को 20 माह पूर्व जल निगम को कार्य सौंपा गया। इसके बावजूद अभी तक निर्माण कार्य शुरू न होने से जलभराव की समस्या बनी रहती है। पालिका ईओ मनोज रस्तोगी ने बताया कि कुछ स्थानों पर जलभराव की समस्या बनी है। बारिश के दौरान ओवरफ्लो होने के कारण कुछ समय तक समस्या बने रहना आम बात है। नाला चोक होने की समस्या संज्ञान में आने पर कर्मियों को भेजकर खुलवा दिया गया। लोगों को समस्याओं का सामना ना करना पड़े इसके प्रयास किए जा रहे हैं।मूसलाधार बारिश के दौरान शहर में बिछाई गई 586 करोड़ रुपये की सीवर लाइन की गुणवत्ता का परिणाम सामने आ रहा है, लेकिन जिम्मेदार कार्रवाई करने के बजाए चुप्पी साधे हुए हैं। हालात यह हैं कि मुख्य सड़कों के साथ गलियों की सड़कें भी धंस रहीं हैं। बारिश के कारण हाईडिल कॉलोनी के मुख्य द्वार, अनूपशहर अड्डा क्षेत्र, साठा, राधानगर क्षेत्र में दर्जनों स्थानों पर सीवर लाइन के बाद बनाई गई सड़क धंस गई। खुर्जा रोड पर चीनी मिल के पास सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़क का निर्माण तो कर दिया, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही का आलम यह रहा कि सड़क निर्माण से पूर्व मिट्टी को ठीक से ठोंकने की जहमत नहीं उठाई। जिसके चलते भारी वाहन गुजरने से वहां की सड़क बैठ गई। अब भारी वाहनों के गुजरने के दौरान बड़ा हादसा होने की संभावना बन रही है। जल निगम के प्रभारी एक्सईएन विनय ने बताया कि बारिश के दौरान जहां की सड़कें धंसी हैं, उन्हें ठीक कराया जाएगा।

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