किसानों के साथ आए अखिलेश, दर्द के हमदर्द या आगामी चुनाव की तैयारी
Akhilesh
काफी लंबे समय से चल रहा किसान आंदोलन
कभी धीमा पड़ जाता है , कभी फिर से तेजी पकड़ लेता है आए दिन विपक्षी पार्टियां इसको लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधती है ।
पिछले रविवार मुजफ्फरनगर मे हुए किसान महापंचायत के बाद फिर विपक्ष को बोलने का मौका मिल गया ।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किसानों को समर्थन देते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला है। अखिलेश यादव ने एक के बाद एक तीन ट्वीट किए हैं। अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा सबका पेट भरने वाले किसानों को भाजपा भूखा प्यासा रखकर वह झूठे आरोप लगाकर हराना चाहती है लेकिन चंद भाजपाइयों को छोड़कर सवा सौ करोड़ हिंदुस्तानी आज भी किसानों के साथ खड़े हैं सपा किसानों के साथ है।
मुजफ्फरनगर में रविवार को हुई किसान महापंचायत का हवाला देते हुए अखिलेश ने कहा कि भाजपा किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती थी और आय तो दोगुनी नहीं हुई लेकिन महंगाई जरूर दोगुनी हो गयी।
सपा अध्यक्ष ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि भाजपा ने किसानों के साथ छल किया है। उन्होंने कहा कि सपा किसानों के साथ खड़ी है। साथ ही सरकार से तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग भी उठाई। सपा नेता ने कहा,''भाजपा सरकार को किसानों के संघर्ष का सम्मान करना चाहिए और तीनों कृषि कानून वापस लेने चाहिए। देश किसानों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा।''
महामारी की दूसरी लहर के दौरान जान गंवाने वाले सपा कार्यकर्ताओं के घर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे अखिलेश यादव ने कहा कि फिरोजाबाद में हालात बेकाबू हो रहे हैं और बहुत से गांव ऐसे हैं जहां 100 से 200 बच्चों को अज्ञात बीमारी ने चपेट में ले लिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश सरकार इस बीमारी की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम
आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर अपने चाचा शिवपाल यादव की पार्टी के लिए सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के लिए जसवंतनगर सीट छोड़ी हुई है। उनके नेताओं का भी ध्यान रखेंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में इस बार छोटे दलों के साथ गठबंधन किया जायेगा। उप्र में एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी के सक्रिय होने के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश बहुत बड़ा प्रदेश है, यहां चुनाव के दौरान बहुत से लोग आएंगे।

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