लकड़ी व्यापारी की 15 फर्जी फर्मों से पकड़ी 5 करोड़ की टेक्स चोरी
लकड़ी व्यापारी की 15 फर्जी फर्मों से पकड़ी 5 करोड़ की टेक्स चोरी

रुद्रपुर : राज्य कर व्यापार की एसबीआइ ने लकड़ी कारोबार से जुड़ी 38 फर्मों की जांच की तो प्रथमदृष्टया 18 करोड़ रुपये की खरीद फरोख्त में करीब पांच करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी गई है। हैरानी यह है कि जांच में करीब 15 फर्में मौके पर नहीं पाई गईं। दिल्ली,हरियाणा व उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों से फर्जी फर्मों से खरीद दिखाई गई थी। यह मामला उजागर होने पर लकड़ी कारोबारियों में खलबली मची है।

राज्य कर व्यापार विभाग में पंजीयन से लेकर खरीद फरोख्त से जुड़ी सभी चीजें आनलाइन है। माल लाते समय ईवे बिल भी बनाया जाता है। जिससे जीएसटी की चोरी न हो सके। राज्य कर व्यापार विभाग की एसबीअाइ यानी विशेष अनुसंधान शाखा ने आनलाइन जांच की तो जसपुर में लकड़ी कारोबार करने वाली कुछ फर्मों में टैक्स चोरी का शक हुआ है। इस पर एसबीआइ की टीम सक्रिय हो गई और फर्मों को रडार कर ले लिया। सुबूत जुटाने के बाद एसबीआइ की टीमें 29-30 जून को गुपचुप लकड़ी कारोबार से जुड़ी 16 फर्मों की और 17 अगस्त को 22 फर्मों में छापेमारी की। छापे में 15 ऐसी फर्में मिलीं, जो वास्तव पर मौके पर नहीं पाई गई, केवल कागजों में फर्जी तरीके से खरीद फरोख्त दर्शाकर आइटीसी यानी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ ले रही थीं।

बताया गया कि जांच में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश के रामपुर, बदायूं व अलीगढ़ की फर्जी फर्मों से खरीद दिखाई गई है। जांच में प्रथमद़ष्टया 17-18 करोड़ रुपये की खरीद बिक्री पाई गई है और इन पर करीब पांच करोड़ रुपये का टैक्स बनता है। हालांकि मामले की जांच चल रही है। जांच में खरीद बिक्री घट-बढ़ सकती है। अभी तक कुछ फर्मों ने 18 लाख रुपये टैक्स जमा कर दिया है। जांच के बाद कारोबारियों में हड़कंप मचा है। राज्य कर अधिकारी अनिल सिंह चौहान ने बताया कि 14 लाख रुपये टैक्स जमा करा लिया गया है। एसबीआइ के सहायक आयुक्त राहुल कांत ने बताया कि  मामले की जांच की जा रही है। जांच में खरीद बिक्री घट-बढ़ सकती है। नियम के तहत टैक्स वसूला जा रहा है। कुछ टैक्स जमा भी हो चुका है।

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