कुंभ आ रहे हैं तो जान लें यह नया ट्रैफिक प्लान, शाही स्नान के लिए भारी वाहनों का प्रवेश बंद

कुंभ आ रहे हैं तो जान लें यह नया ट्रैफिक प्लान, शाही स्नान के लिए भारी वाहनों का प्रवेश बंद

देहरादून। अगर आप कुंभ का दौरा नहीं कर रहे हैं तो हरिद्वार मार्ग से यात्रा करने से बचें। 12 और 14 अप्रैल को शाही स्नान के चलते यहां काफी भीड़ उमड़ सकती है। इसके अलावा 13 अप्रैल को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर भी स्नान है। ऐसे में डीजीपी अशोक कुमार ने अपील की है कि 10 से 15 अप्रैल तक देहरादून, गढ़वाल और कुमाऊं मंडल का रुख करें।

उत्तराखंड में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए खासी सतर्कता बरती जा रही है। इस बीच कुंभ के दौरान शाही स्नान को हरिद्वार में भीड़ बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में पुलिस-प्रशासन की चुनौतियां भी बढ़ गई है। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने सभी से अपील की है कि इन दिनों जो भी यात्री उत्तराखंड आ रहे हैं, लेकिन उन्हें कुंभ में हिस्सा नहीं लेना है तो वे शाही स्नान और अन्य महत्वपूर्ण स्नान पर्वों को देखते हुए 15 तारीख तक हरिद्वार मार्ग से यात्रा करने से बचे।

बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच हरिद्वार कुंभ को लेकर भी एहतियात बरती जा रही है। 12 अप्रैल को ‘सोमवती नवमी’ पर शाही स्नान है। इसे देखते हुए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में पुलिस-प्रशासन भी काफी सक्रिय है। डीजीपी ने कहा कि जो लोग कुंभ का दौरा नहीं कर रहे हैं, वे हरिद्वार मार्ग से यात्रा करने से बचें। उन्होंने बताया कि इसके लिए उत्तराखंड पुलिस के सोशल मीडिया पेजों पर मार्ग संबंधी सभी जानकारी अपलोड की गई हैं।

डीजीपी ने यह भी बताया कि 14 अप्रैल महाकुंभ-2021 के लिए सबसे महत्वपूर्ण शाही स्नान का दिन है। इसके अलावा 12 अप्रैल को सोमवती अमावस्या भी महत्वपूर्ण दिन है। इसके लिए 19 किलोमीटर तक एक लंबा घाट भी तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि इस दौरान सभी जिलों के सभी पुलिसकर्मियों को तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए कोविड प्रोटोकॉल प्रवर्तन को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिया गया है। आपको बता दें कि इससे पहले हरिद्वार पहुंचे मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार हरिद्वार कुंभ मेले को सुरक्षित रूप से आयोजित करने के लिए दृढ़ संकल्परत है।

शाही स्नान की तिथियां 

  • पहला शाही स्नान: 11 मार्च, दिन गुरुवार, शिवरात्रि।
  • दूसरा शाही स्नान: 12 अप्रैल, दिन सोमवार, सोमवती अमावस्या।
  • तीसरा मुख्य शाही स्नान: 14 अप्रैल, दिन बुधवार, मेष संक्रांति।
  • चौथा शाही स्नान: 27 अप्रैल, दिन मंगलवार, बैसाख पूर्णिमा।

Share this story