भारतीय छात्र को Australia से किया एयरलिफ्ट जाने क्यों?

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नई दिल्ली: एक 25 वर्षीय भारतीय छात्र को एयरलिफ्ट किया गया। छात्र की दोनों किडनियां खराब हैं और यह छात्र मौत और जिंदगी के बीत संघर्ष कर रहा है। छात्र का नाम अर्शदीप सिंह है और छात्र के भारत आने के बाद उसके परिवार वालों ने दोनों देशों की सरकार का धन्यवाद किया है।

सोमवार शाम को भारत पहुंचने के बाद भारतीय छात्र को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती किया गया। बता दें कि अर्शदीप सिंह पढ़ाई करने के लिए ऑस्ट्रेलिया गया था। आठ जून को जब अर्शदीप की तबीयत बिगड़ी तो वो वहीं के अस्पताल में भर्ती हो गया। अस्पताल में भर्ती होने के एक-दो दिन बाद पता चला कि अर्शदीप रेनल फेल्योर से जूझ रहा है।

अर्शदीप की दोनों किडनियां फेल हो चुकी हैं और हार्ट भी पूरी तरह से काम नहीं कर रहा है। अर्शदीप की हालत को देखकर उसके परिवार वाले परेशान हो गए और ऑर्गन ट्रांसप्लांट की बात करने लगे लेकिन ये आसान नहीं था क्योंकि कोरोना की वजह से अंतरराष्ट्रीय सीमाएं बंद हैं और परिवार को कोई सदस्य ऑस्ट्रेलिया नहीं जा सकता था।

अर्शदीप के जीजा कुंवर आनंद की माने तो ऐसे समय में फ्लाइट बुक करना बेहद मुश्किल था लेकिन इस कठिन शहर में सिख नेता मंजीत जीके और भारतीय विश्व फोरम ने हमारे मामले को संभाला। कई कमर्शियल फ्लाइट्स ने अर्शदीप को वापस भारत लाने से मना कर दिया था। ऐसे में ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने बड़ी भूमिका निभाई।अर्शदीप के जीजा ने प्रधानमंत्री मोदी, ऑस्ट्रेलियाई सरकार और वहां के डॉक्टरों का शुक्रिया अदा किया।

भारतीय विश्व फोरम के चेयरमैन पुनीत सिंह चंडोक ने कहा कि इस मामले में उन्होंने प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से बात की, जिसके बाद वीजा की प्रक्रिया आसान हुई। अर्शदीप की मां ने सभी का शुक्रिया अदा किया और कहा कि हमारी सरकार ने दरियादली का परिचय दिया है।

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