माल्या मामले में ब्रिटिश कोर्ट का आया फैसला

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नई दिल्ली। माल्या ने अपनी डूबती एयरलाइंस को बचाने के लिए बैंकों से कर्ज लिया था। इसके बावजूद वह अपनी किंगफिशर एयरलाइंस को डूबने से बचाने में कामयाब नहीं हो सका। बैंकों को पैसा लौटाने के बजाय माल्य 2016 में भारत से फरार हो गया। उसने लंदन में शरण ले ली। इस बीच भारत सरकार की एजेंसियां उसके प्रत्यर्पण की लगातार कोशिशें करती रही हैं।

लंदन के हाईकोर्ट ने भारत में माल्या की संपत्ति पर लगाया गया सिक्योरिटी कवर हटा लिया है। इससे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की अगुवाई वाले भारतीय बैंकों के लिए माल्या से अपने पैसा वसूलने का रास्ता साफ हो गया है। माल्या ने इन बैंकों से करीब 9,000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. लेकिन, ब्याज सहित यह रकम अब 14,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है। इन बैंकों के लिए यह पैसा काफी मायने रखता है।

माल्या ने अपनी डूबती एयरलाइंस को बचाने के लिए बैंकों से कर्ज लिया था। इसके बावजूद वह अपनी किंगफिशर एयरलाइंस को डूबने से बचाने में कामयाब नहीं हो सका। बैंकों को पैसा लौटाने के बजाय माल्य 2016 में भारत से फरार हो गया। उसने लंदन में शरण ले ली। इस बीच भारत सरकार की एजेंसियां उसके प्रत्यर्पण की लगातार कोशिशें करती रही हैं।

इस बीच, एसबीआई की अगुवाई में 13 बैंकों के कंसोर्शियम ने दिसंबर 2018 में अपने पैसी की वसूली के लिए माल्या के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की थी। इस कंसोर्शियम में एसबीआई के अलावा बैंक ऑफ बडौदा, कॉर्पोरेशन बैंक, फेडरल बैंक, आईडीबीआई बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, जम्मू एंड कश्मीर बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, पीएनबी, स्टेब बैंक ऑफ मैसूर, यूको बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और जेएम फाइनेंशिल एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी शामिल हैं।
माल्या पर सबसे ज्यादा पैसा एसबीआई का बकाया है। देश के इस सबसे बड़े बैंक ने माल्या को 1600 करोड़ रुपये का लोन दिया था। इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने माल्या को 800 करोड़ रुपये का लोन दिया था। आईडीबीआई बैंक ने भी माल्या को करीब 800 करोड़ रुपये का लोन दिया है। इसके बाद बाकी बैंकों ने माल्या को छोटी-छोटी रकम का लोन दिया है।लंदन हाई कोर्ट के फैसले के बाद माल्या को कर्ज देने वाले बैंकों को अपना पैसा वापस मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। अब वे माल्या की संपत्ति बेचकर अपना पैसा वापस पाने की कोशिश करेंगे. लंदन हाईकोर्ट के फैसले के बाद भारत में माल्य की संपत्ति बेचने का रास्ता साफ हो गया है. चूंकि माल्या को सबसे ज्यादा कर्ज एसबीआई ने दिया है, जिससे माल्या की संपत्ति बेचने की प्रक्रिया भी एसबीआई की तरफ से शुरू होने की उम्मीद है।

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