नई सरकार के लिए अफगानिस्तान तैयार, मुल्ला अखुंदजादा तालिबान के सर्वोच्च नेता
नई सरकार के लिए अफगानिस्ता

Kabul: तालिबान के काबुल पर कब्जा करने के बाद पूरी दुनिया की नजरें वहां की नई सरकार निर्माण घोषणा पर लगी हुई थी तालिबानी अपनी नई सरकार के निर्माण की घोषणा करने के लिए पूरी तरह तैयार है शुक्रवार को नई सरकार का गठन भी हो जाएगा ।

तालिबान के सूचना एवं संस्कृति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी मुफ्ती इनामुल्लाह सनातनी ने बुधवार को कहा कि नई सरकार बनाने पर बातचीत लगभग अंतिम दौर में है और मंत्रिमंडल को लेकर भी चर्चा हुई उन्होंने कहा कि अगले 3 दिनों में काबुल में नई सरकार बनाने के लिए समूह पूरी तरह तैयार है ।

समागनी ने कहा कि नई सरकार के तहत गवर्नर प्रांतों के प्रमुख होंगे और जिला गवर्नर अपने जिले के प्रभारी होंगे तालिबान ने पहले ही प्रांतों और जिलों के लिए गवर्नर ओं पुलिस प्रमुखों और पुलिस कमांडरों की नियुक्ति कर दी है उन्होंने कहा कि नई प्रशासन प्रणाली का नाम राष्ट्रीय झंडा और राष्ट्रीय गान पर अभी फैसला लिया जाना बाकी है।

।इस बीच दोहा में तालिबान के राजनीतिक कार्यालय में उप नेता शेर मोहम्मद अब्बास स्तानिकजई ने बृहस्पतिवार को विदेशी मीडिया चैनलों को बताया कि नई सरकार में अफगानिस्तान के सभी कबीलों के सदस्यों और महिलाओं को शामिल किया जाएगा।

48 घंटे में शुरू हो जाएगा हवाई अड्‍डा : स्तानिकजई ने कहा कि अगले 48 घंटे में हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर परिचालन शुरू हो जाएगा और वैध दस्तावेजों के साथ आए लोगों को देश छोड़ने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे की मरम्मत के लिए ढाई से तीन करोड़ अमेरिकी डॉलर का खर्च आएगा।

अखुंदजादा का निर्णय ही होगा आखिरी : नई सरकार में 60 वर्षीय मुल्ला अखुंदजादा तालिबान सरकार के सर्वोच्च नेता होंगे। ईरान में नेतृत्व की तर्ज पर यह व्यवस्था की जाएगी जहां सर्वोच्च नेता देश का सबसे बड़ा राजनीतिक और धार्मिक प्राधिकारी होता है। उसका पद राष्ट्रपति से ऊपर होता है और वह सेना, सरकार तथा न्याय व्यवस्था के प्रमुखों की नियुक्ति करता है। देश के राजनीतिक, धार्मिक और सैन्य मामलों में सर्वोच्च नेता का निर्णय अंतिम होता है।

कौन है अखुंदजादा : समागनी ने कहा कि मुल्ला अखुंदजादा सरकार के सर्वोच्च नेता होंगे और इस पर कोई सवाल नहीं होना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि राष्ट्रपति अखुंदजादा के अधीन काम करेंगे। मुल्ला अखुंदजादा तालिबान के सबसे बड़े धार्मिक नेता हैं और पिछले 15 साल से बलूचिस्तान प्रांत के कचलाक क्षेत्र में स्थित एक मस्जिद में कार्यरत हैं।

किसी समय मुल्ला अखुंदजादा पाकिस्तान की मस्जिद में पढ़ाया करते थे, लेकिन तालिबान के संपर्क में आने के बाद आतंकवाद का रास्ता अख्तियार कर लिया। 2016 में तालिबान की कमान संभाली

कंधार से ‍चलेगी मुल्ला की 'सरकार' : जो कोई भी पिछले 20 साल में अफगानिस्तान में पूर्ववर्ती सरकारों में शामिल था उसे नए तालिबान प्रशासन में जगह नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुल्ला अखुंदजादा कंधार से सरकार का कामकाज देखेंगे। उन्होंने कहा कि तालिबान यूरोपीय संघ, अमेरिका और भारत से दोस्ताना संबंध चाहता है तथा इसके लिए दोहा में तालिबान का राजनीतिक कार्यालय विभिन्न देशों के संपर्क में है।

इनको मिल सकती है सरकार में जगह : मुल्ला उमर के साथ मिलकर तालिबान की स्थापना करने वाले मुल्ला अब्दुल गनी बरादर का नाम राष्ट्रपति पद के लिए सबसे ऊपर माना जा रहा है। बरामद तालिबान की पॉलिटिकल यूनिट का मुखिया है। 2010 में पकड़े जाने के बाद 2018 तक पाकिस्तान की जेल में रहा। मुल्ला उमर का बेटा मुल्ला याकूब, मुल्ला अब्दुल हकीम, सिराजुद्दीन हक्कानी आदि को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।

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