उत्तर प्रदेशमुजफ्फरनगर

नाथ संप्रदाय के सर्वोच्च पदवी प्राप्त श्री श्री श्री निर्मलानंदनाथ स्वामी जी अयोध्या में रामलला मंदिर निर्माण हेतु भूमि पूजन अनुष्ठान में हुए शामिल, मुजफ्फरनगर के विपिन बालियान रहे स्वामी जी के साथ

राजसत्ता पोस्ट

नाथ संप्रदाय के सर्वोच्च पदवी प्राप्त श्री श्री श्री निर्मलानंदनाथ स्वामी जी अयोध्या में रामलला मंदिर निर्माण हेतु भूमि पूजन अनुष्ठान में हुए शामिल, मुजफ्फरनगर के विपिन बालियान रहे स्वामी जी के साथ

परम संत श्री श्री श्री निर्मलानन्द नाथ स्वामी जी

एक संत जो बहुत कम उम्र में एक सम्प्रदाय के सर्वोच्च पद पर पदासीन हुए

एक व्यक्तित्व जिन्होंने स्वामी बनने से पहले, उच्च स्तरीय पढ़ाई ही नही की
बल्कि टॉपर भी रहे।

एमटेक किया सर्वोच्च स्थान के साथ, परन्तु ईश्वर भक्ति उन्हें गृहस्थाश्रम की जगह सन्यास आश्रम की और ले गई।

 

कर्नाटक में बेंगलोर के पास आदिचुनचन गिरी मठ से जुड़ गए, नाथ सम्प्रदाय के गौड़ा समाज से जुड़े निर्मलानन्द नाम मिला

और बीजीएस के संस्थापक स्वामी बालगंगाधर दास जी द्वारा दिल्ली, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश में आश्रम, गौशाला, मन्दिर, गेस्ट हाउस आदि निर्माण की जिम्मेदारी दी।

बीजीएस ग्रुप सैंकड़ो शिक्षण संस्थाएं भी संचालित करता है जिनमे क्षेत्रीय भाषा से इंग्लिश मीडियम स्कूल, कोलिज, इंजीनियरिंग कोलिज, मेडिकल कोलिज, आईटी कोलिज के साथ यूपीएससी की कोचिंग शामिल है। कई आईएएस, आईपीएस खुले मन से कोचिंग का लाभ मिलने से लक्ष्य प्राप्ति की बात कहते है। देशभर में विभिन्न आईएएस आईपीएस आईएफएस आदि स्वामी जी के आश्रम से कोचिंग प्राप्त कर अपने रक्षा में सफल हुए और आज देश भर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

 

स्वामी निर्मलानन्द जी का आशीर्वाद मुजफ्फरनगर के विकास बालियान और विपिन बालियान को भी मिला। उन्होंने यूपी में बालियान बंधुओ की कंस्ट्रक्शन कंपनी से बहुत से निर्माण करवाए, जिनमे वाराणशी, सीतापुर के नेमिश्रण, चित्रकूट, नोएडा आदि जगह बड़े बड़े (कई जगह 100 बीघा) क्षेत्रफल में मन्दिर, गौशाला, गेस्ट हाउस, आश्रम आदि के भव्य, बड़े, विशाल निर्माण कार्य शामिल थे।

हालांकि कई विषमताएं सियासी हस्तक्षेप, भूमाफिया, आपराधिक तत्वो का सामना भी उन निर्माण कार्यो में बालियान बन्धुवर को करना पड़ा, मगर सभी निर्माण भव्य स्वरूप में पूर्ण हुए।

2013 में जब स्वामी बाल गंगाधर नाथ जी ने शरीर पूरा किया तो उनकी वसीयत जोकि कई केंद्रीय मंत्रियों और प्रतिष्टित लोगों के सामने पढ़ी गई

उसमें मात्र 45 वर्षीय आयु के स्वामी निर्मलानंद जी को चुन चुन गिरी मठ की गद्दी सौंपी गई।

स्वामी निर्मलानंद जी बेहद सौम्य, शांत व्यक्तित्व के मालिक हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनसे स्नेह रखते हैं तो विपक्षी दलों की नेता भी उन्हें बहुत मानते हैं।

गौड़ा समाज में वह बेहद पूजनीय है, वह हृदय के बहुत साफ है।

केंद्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान से भी बेहद स्नेह रखते हैं।

मुजफ्फरनगर दंगे के बाद वह मुजफ्फरनगर भी आए और यहां हिंदू मुस्लिम के बीच में उन्होंने सामंजस्य बनाने का प्रयास भी किया।

वह क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज बनाने के इच्छुक थे,

शुकदेव आश्रम भी गए।

मिसाइल मैन और देश के राष्ट्रपति रहे ए पी जे अब्दुल कलाम के बहुत प्रिय रहे, कलाम साहब उनसे कई विषय पर चर्चा करते थे।

सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अमित शाह, देवेगौड़ा, येदुरप्पा आदि स्वामी निर्मलानंद जी का बहुत सम्मान करते हैं।

वही जब वह मैसूर में बीटेक कर रहे थे तो बाद में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने अखिलेश यादव उनके जूनियर थे।

अखिलेश यादव स्वामी निर्मलानंद जी का बहुत मानते हैं और उनके आश्रम आदि का लोकार्पण कर चुके है।

प्रधानमंत्री की शपथ लेने वाले नरेंद्र मोदी के दोनों बार की प्रधानमंत्री पद के शपथ कार्यक्रम में वह शामिल रहे।

आज सियावर रामचंद्र जी के रामलला मंदिर भूमि पूजन अनुष्ठान में भी उन्हें विशेष तौर पर बुलवाया गया।

वह भूमि पूजन अनुष्ठान में शामिल हुए और भूमि पूजन अनुष्ठान की पूर्व संध्या पर उन्होंने सरयू तट पर दीप जलाए।