स्पेशल

देश की राजनीति का चमकता सितारा भूपुत्र गिरिराज सिंह

राजसत्ता पोस्ट

 

भूपुत्र गिरिराज सिंह बिहार से आने वाले राजनीतिज्ञ हैं, बिहार राज्य में कई बार मंत्री रहे ओर वर्तमान में लोक सभा के सांसद व केंद्रीय मंत्री है।

08 सितम्बर 1952 को बिहार के बड़हिया में गृहस्थ किसान श्री रामवतार सिंह के यहाँ जन्म लेने वाले गिरिराज का लालन पालन अपने ननिहाल बेगुसराय में हुआ। उन्होंने मगध विश्विद्यालय से स्नातक तक की शिक्षा ग्रहण की और स्नातक करने के बाद गिरिराज सिंह ने एक नामी गिरामी कंपनी की पंप सेट की एजेंसी लेकर बेगूसराय में ही व्यवसाय की शुरुआत की। यहीं एक शादी समारोह में उनकी मुलाकात भाजपा नेता कैलाशपति मिश्र से हुई, उनसे प्रेरित व प्रोत्साहित होकर उन्होंने भाजपा का दामन थामा और वर्ष 1985-86 में पटना चले आये तथा वहां वे भाजयुमो से जुड़ गए। उन्ही दिनों माॅं. अश्विनी कुमार जी मेरे पटना आवास पर रहते थे और गिरिराज जी उन्होंनें मेरे यहाॅं आना- जाना शुरु किया और हम दोनों का ऐसा भ्रातृवत सम्बन्ध बना जो आज तक बना हुआ है। गिरिराज जी मेरे प्यारे अनुज हैं और मैं उनका भईया हूॅं।

भाजयुमो के बेगूसराय, समस्तीपुर व खगडिय़ा के संगठन प्रभारी रहने के साथ 1990 में वे प्रदेश भाजयुमो की टीम में महासचिव बने। 2002 में अपनी सफल राजनीतिक यात्रा बिहार विधान परिषद के सदस्य के रूप में शुरू की, वे लगातार दो टर्म तक विधान पार्षद रहे। 2008 से 10 तक सहकारी मंत्री, तथा 2010 से 13 तक वे बिहार सरकार में पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री रहे। तत्पश्चात् पहली बार, 2014 में नवादा लोकसभा से उन्होंने चुनाव जीता और सदस्य, श्रम स्थायी समिति बनाए गए। फिर नवम्बर 2014 में वे सदस्य, ‘संसद सदस्यों के वेतन एवं भत्तों की संयुक्त समिति’ बनाए गए और साथ ही उन्हें 4 सितम्बर 2017 को केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सूक्ष्‍म,लघु और मध्‍यम उद्यम मंत्रालय का पदभार सौंपा गया।

गिरिराज जी को ‘फायर ब्रांड’ नेता माना जाता है, 17वीं लोकसभा चुनाव में बेगूसराय लोक सभा चुनाव में उन्होंने 4 लाख 22 हजार मतों के बड़े अंतर से जे.एन.यू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार को हराकर अपनी विजय दर्ज की। वे वर्तमान में केंद्रीय पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन मंत्री हैं।

आज उनके जन्मदिवस पर उन्हें अशेष बधाई व शुभकामनाएं।