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90 फाइटर जेट, 3000 नौसैनिकों के साथ अंडमान निकोबार के पास पहुंचा अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर

राजसत्ता पोस्ट

(पवन अवस्थी)

90 फाइटर जेट, 3000 नौसैनिकों के साथ अंडमान निकोबार के पास पहुंचा अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर

चीन के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिका ने साउथ चाइना सी से लेकर हिंद महासागर तक अपनी गश्त बढ़ा दी है। चीन के नजदीक साउथ चाइना सी में युद्धाभ्यास खत्म करने के बाद अमेरिकी नेवी के सातवें बेड़े में शामिल एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस निमित्ज अब अंडमान निकोबार द्वीपसमूह के पास पहुंच गया है। इस क्षेत्र में भारतीय नौसेना पहले से ही युद्धाभ्यास कर रही है।

एशिया में अमेरिका के तीन एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात
हिंद महासागर में चीन की बढ़ती गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए अमेरिका ने अपने तीन एयरक्राफ्ट कैरियर्स को इस इलाके में तैनात किया है। वर्तमान में इनमें से एक यूएसएस रोनाल्ड रीगन साउथ चाइना सी में जबकि यूएएसएस थियोडोर रुजवेल्ट फिलीपीन सागर के आस पास गश्त लगा रहा है।

कितना शक्तिशाली है यूएसएस निमित्ज
अमेरिका के सुपरकैरियर्स में यूएसएस निमित्ज को बहुत ताकतवर माना जाता है। परमाणु शक्ति से चलने वाले इस एयरक्राफ्ट कैरियर को अमेरिकी नौसेना में 3 मई 1975 को कमीशन किया गया था। यह कैरियर स्टाइक ग्रुप 11 का अंग जो अकेले अपने दम पर कई देशों को बर्बाद करने की ताकत रखता है। 332 मीटर लंबे इस एयरक्राफ्ट कैरियर पर 90 लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर्स के अलावा 3000 के आसपास नौसैनिक तैनात होते हैं।

अंडमान में भारत भी कर रहा युद्धाभ्यास
चीन से जारी तनाव के बीच भारत भी अंडमान निकोबार द्वीपसमूह के पास युद्धाभ्यास कर रहा है। इसमें विध्वंसक युद्धपोट, पेट्रोल एयरक्राफ्ट और पनडुब्बी शामिल हैं। इनके अलावा सबमरीन ढूंढनेवाला एयरक्राफ्ट Poseidon-8I, जिसमें घातक हारपून ब्लॉक मिसाइल लगी हैं, MK-54 लाइटवेट टोरपीडोज आदि भी इस ड्रिल का हिस्सा हैं। इससे पहले मल्लका में ही भारत और जापान ने भी पिछले ही महीने ड्रिल की थी।